राष्ट्र गान

राष्ट्र गान

जन-गण-मन-अधिनायक जय हे भारतभाग्यविधाता|
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग||
विंध्य हिमाचल जमुना गंगा उच्छलजलधितरंग||१||
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे|
गाहे तव जयगाथा ।
जन-गण-मंगलदायक जय हे भारतभाग्यविधाता!||२||
जय हे,जय हे, जय हे, जय जय जय हे ॥

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *